क्या है गजवा ए हिन्द ????

क्या है गजवा ए हिन्द ?

गजवा ए हिन्द – समझें इसे इस सरल उदाहरण से ! हिरण पूरे दिन घास खाने मे लगा रहता है… घास को प्रोटीन मे बदलने मे ही लगा रहता है ।दूसरी तरफ माँसाहारी जानवरों को जब तक भूख नही लगती बस आराम से पड़े रहते हैं, क्योंकी उन्हें पता है की उनके लिए प्रोटीन का इंतजाम करने के लिए हिरण जो लगा हुआ है…

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जब तक हिरण जिंदा है, जंगल में खूंखार जानवर मस्त सोते हैं … पर हिरण जब कम होने लगते हैं तो ये भूखे खूंखार नए जंगल की तलाश करता है ।
हिन्दू हिरणों ने बड़ी मेहनत से सोना चांदी हीरे ज्ञान विज्ञान इकट्ठा किया था… क्या हुआ !
एक खूंखार नस्ल साफ कर गई सब ।
 #ईरान लिया,#अफगानिस्तान लिया, पाकिस्तान ले गए, #कश्मीर लिया, #बांग्लादेश लिया ,#केरल #बंगाल और #आसाम भी गया ही समझो!
क्या है गजवा ए हिन्द ?
उस नस्ल ने सिर्फ शिकारी predator के गुण विकसित किये हैं…
अब पाकिस्तान और बांग्लादेश में खाने पीने की भयंकर कमी आ रही है… क्योंकी #हिन्दू #पंजाबी #सिंधी #अहमदिया जैसे हिरण कम हो चुके हैं … जिनकी वजह से इकॉनोमी चल रही है…
बाकी का काम सिर्फ शरीयत को 100 प्रतिशत लागू करना है, जिसकी वजह से धीरे धीरे पाकिस्तान बांग्लादेश में हिरण खत्म हो रहे हैं और खूंखार नरभक्षी बढ़ रहे हैं …. अब उन नरभक्षियों की नजर नए जंगलों पे है… वो है भारत!
इसे ही वो गज़वा ए हिन्द कहते हैं, और इस्लाम के मजहबी किताबों मे ई.सन 14 सो साल पहले इसका जिक्र हो चुका है, हर शांतिप्रिय शेर के मन मे वो ऐसे बैठा हुआ है जैसे तुम्हारे लिए राष्ट्रगान !
क्या है गजवा ए हिन्द ?
इस आखरी जंग मे सेना कुछ नही कर पाएगी क्योंकी ये जंग अंदर से शुरू होगी… फिर बाहर से
….जितनी तेजी से पाक ~बांग्लादेश से हिरण कम हो रहे हैं उतनी ही जल्दी इसकी संभावना बढ़ रही है, और ये जंग अचानक नही होगी तुम पहले से ही इस जंग में हो… विश्वास ना हो तो पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश केरल आदि के मोमिनों के बाहुल्य वाले इलाके मे घूम के आओ… वहां से हिरणों ने घर और सम्पति बेच कर कहीं और बसेरा कर लिया है ,,
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