शहीद कैप्टन शफीक़ गौरी -पत्नी की कलम से

Kargil War Hero Story : Martyr Major Vivek Gupta

जब 1991 में मेरी शादी कैप्टन शफीक़ गौरी से हुई तो मेरी उम्र 19 साल थी। उनके अक्सर तबादले होते रहते थे और वो मुझसे लंबे समय के लिए दूर भी रहते थे। शुरुआत में मेरे लिए ये बहुत मुश्किल था। लेकिन वो मुझे समझाते कि सैनिक की पत्नी होना कैसा होता है। उस ज़माने में मोबाइल फ़ोन नहीं होते थे। मैं घंटों फ़ोन के पास बैठकर उनके कॉल का इंतेज़ार किया करती थी। हम दोनों एक दूसरे को पत्र लिखा करते थे। मेरे पति ये सुनिश्चित किया करते कि…

Read More